मेरे एक मित्र हैं
पंजाब से आये हैं
कनाडा मे रहते हैं
शादी शुदा हैं
कहने लगे भारत मे मायाबती अजब गजब कर रही हैं
आरक्षण के नाम पर कुछ जयादा ही शोर कर रही हैं
मैंने बोला
वो तो इंडिया मे शोर कर रही है, चलेगा
मगर आपकी बातें हमे कनाडा मे बोर कर रही हैं, ये नही चलेगा
आप इंडिया का जब इतना ही ख्याल रखते हैं
तो फिर जा के भारत मे घर कयों नही बसा लेते हैं
कहने लगे भारत मे बहुत प्रॉब्लम है
राजनीती से ले के घर तक सभी जगह प्रॉब्लम ही प्रॉब्लममैंने कहा जब इतना ही प्रॉब्लम है तो फिर बात कयों करते हैं
भारत जा के प्रॉब्लम को सोल्व कयों नही करते हैं
भाई साहब बोले, अरे ये प्रॉब्लम हम नही सुलझा सकते हैं
हम तो बस कनाडा मे बैठे समस्या को और उलझा सकते हैं।
समस्या उलझाने मे जो मज़ा है वो सुलझाने मे कहॉ
मैंने कहा भैया इधेर आ गए हो तो मज़ा ले रहे हो
अगर उधेर होते तो सब जेल मे सज़ा ले रहे होते
ले लो मज़ा
ले लो




